साइलो किसे कहते है हिंदी में बताइए उत्तर दीजिए

साइलो किसे कहते है हिंदी में बताइए उत्तर दीजिए – दोस्तों आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको साइलो के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे. साइलो क्या है तथा साइलो के प्रमुख बिंदु और उपयोग के बारे में आपको बताएगे तथा इस विषय पर चर्चा करेंगे.

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साइलो किसे कहते है हिंदी में बताइए उत्तर दीजिए

दोस्तों साइलो एक स्टील का ढांचा होता है जिसमे अनाज भंडारण किया जाता है. यह एक अत्याधुनिक और नवीनतम तकनीक हैं. जिसमे गेहूं और चावल का सुरक्षित भंडारण किया जाता हैं. यह चार बेलनाकार के स्टील के बड़े टेंक होते हैं. प्रत्येक टेंक में 12500 टन अनाज भंडारण किया जा सकता हैं. यह अत्याधुनिक और नवीनतम तकनीक को अपना कर पारंपरिक अनाज भंडारण की क्षमता से अधिक अनाज भंडारण किया जा सकता हैं.

अनाज भंडारण की इस नवीनतम तकनीक को साइलो स्टोरबिन भी कहा जाता हैं. इन स्टील के टैंको में बिना बोरी के काफी लंबे समय तक अनाज भंडारित किया जा सकता हैं. यह तकनीक अमेरिका से आयात की गई है. यह तकनीक आयात करने का मुख्य कारण यह है की इस टैंको में जो भी अनाज भंडारित किया जाता है वह अनाज सुरक्षित रहता तथा अनाज को काफी कम नुकसान होता हैं.

साइलो अनाज भंडारण की अत्याधुनिक तकनीक की सहायता से अनाज के लोडिंग और अनलोडिंग में भी काफी लाभ होता हैं. जिसमे रेलवे साइडिंग के माध्यम से अनाज की लोडिंग और अनलोडिंग की जाती हैं. जिस से अनाज को काफी कम नुकसान होता हैं.

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साइलो तकनीक इतनी चर्चा में क्यों हैं

साइलो तकनीक भारत में तीव्र गति से बढ़ रहा हैं. भारत के बड़े बड़े उद्योगपति अपनी अनाज मिल में इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस तकनीक से अनाज में काफी कम नुकसान होता है इस लिए उद्योगपति इस तकनीक में रूचि दिखा रहे हैं. इसलिए साइलो तकनीक मौजूदा समय में काफी चर्चा में हैं.

साइलो स्टोरबिन कैसे काम करता हैं

जब किसान ट्रेक्टर ट्रोली से अपना अनाज लेकर आते है तब अनाज को सबसे पहले डंपर के जरिए साइलो स्टोरबिन के बेसमेंट पर बने हुए पिट में डाल दिया जाता हैं. अब पिट में से ग्रेविटी के जरिए अनाज स्टोरबिन में लगे हुए क्लीनर सेक्शन में चला जाएगा. अब क्लीनर सेक्शन में अनाज ऑटोमेटिक साफ हो जाएगा. यह साफ हुआ अनाज अब ऑटोमेटिक स्टोरबिन में बने हुए पिट में चला जाएगा. पिट में चले जाने के बाद अनाज सुरक्षित हो जाएगा. अब जब चाहे अनाज को बाहर निकालो तब सुरक्षित ही मिलेगा.

साइलो स्टोरबिन एक नवीनतम तकनीक है जिसका पूरा प्रोसेस कंप्यूटरराइज है. जिसमे तापमान भी कंप्यूटरराइज तरीके से अपने आप सेट हो जाता हैं.

प्रमुख बिंदु

भारत में बड़े पैमाने पर अनाज को गोदामों में संग्रहित किया जाता हैं. गोदामों में संग्रहित किए जाने के कारण सालाना 14 अरब डॉलर की उपज का नुकसान हो जाता हैं. जिसके कारण 194 मिलियन भारतीय हर दिन भूखे रहते हैं.

इसलिए अब इस तकनीक के माध्यम से किसानों को भी फायदा होगा और अनाज नुकसान भी कम होगा. साइलो तकनीक अनाज भंडारण में बहुत ही उपयोगी है जो लंबे समय तक और बड़ी मात्रा में अनाज को सुरक्षित और संग्रहीत रखने में सक्षम हैं. साइलो तकनीक निश्चिततौर पर भूखे लोगो की संख्या में कमी लाने में मदद कर सकता हैं.

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भारत में अभी भी है ख़राब भंडारण व्यवस्था

भारत में 65 मिलियन टन अनाज का भंडारण किया जाता है जिसमें से अधिकांश अनाज भंडारण खुले या ढके हुए गोदामों में किया जाता हैं. मौसम की अनियमितता तथा और भी कारण से भंडारित किया हुआ अनाज को नुकसान होता हैं. वैसे माना जाए तो अनाज उत्पादन हमारे भारत में कभी भी चिंता का विषय नहीं रहा है.

भारत में जितनी पब्लिक है उनके सामने अनाज उत्पादन हो ही जाता है लेकिन ख़राब अर्थव्यवस्था और नवीनतम तकनीक का उपयोग नहीं करने से अनाज ख़राब हो जाता है और काफी लोगो को यह अनाज मिल नहीं पाता हैं.

भारत को अपनी अनाज भंडारण की सुविधा को और मजबूत करने की जरूरत हैं. एक बेहतर साइलो स्टोरेज सुविधा में रूचि दिखानी चाहिए. जिस से भारत में भूखे रहने वालो की संख्या में कमी आएगी.

साइलो की डिमांड भविष्य में बढ़ेगी

आने वाले दस वर्षो में लेबर की कमी होगी और लेबर महंगी भी हो सकती हैं. इसलिए भारत में सुरक्षित अनाज भंडारण के लिए साइलो स्टोरबिन की जरुरत महसूस होगी और अनाज को सुरक्षित रखेगा तो इसकी डिमांड बढ़नी ही बढ़नी हैं. इस नवीनतम तकनीक को अकेला एक शख्स ही ओपरेट कर सकता है जिससे लेबर को ध्यान में रखते हुए इस तकनीक के डिमांड में बढ़ोतरी होगी.

निष्कर्ष

दोस्तों आज इस आर्टिकल (साइलो किसे कहते है हिंदी में बताइए उत्तर दीजिए) के माध्यम से हमने आपको साइलो तकनीक के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान की साइलो तकनीक में सुरक्षित अनाज भंडारण किया जा सकता है. जिसमे स्टील के बेलानाकर के चार बड़े टैंक होते है प्रत्येक टैंक में 12500 टन अनाज संग्रहीत किया जा सकता हैं. सुरक्षित अनाज भंडारण के कारण अनाज कम ख़राब होगा ज्यादा से ज्यादा लोगो को अनाज मिलेगा जिस से भूखे रहने वालो की संख्या में कमी आएगी और भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी.

दोस्तों आज इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको साइलो किस कहते है इस बारे में संपूर्ण जानकरी प्रदान की है. आशा करते है आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद.

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